प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में हुआ बड़ी गरबरी, जल्द जांच होने वाली है

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयुष्मान भारत के तहत चल रहे हैं आरोग्य योजना के तहत गरीबों में बाटे हा रहे गोल्डन कार्ड में धड़ल्ले से कि का रही है लापरवाही। कई सारे सीकायत सामने आए है केंद्रीय सरकार के पास जिस कारण वश सरकार अब इस मामले पर जल्द जांच करवाएगी। गोल्डन कार्ड ना बन पाने के कारण गरीबों को सरकारी हो या प्राइवेट, अधिक पैसों से इलाज करवाना पर रहा है।

गोल्डन कार्ड के निर्माण में हो रही लापरवाही और धांधली पर 9 प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से जवाब मांगा है सिविल सर्जन डॉ. शैलेश प्रसाद सिंह ने। इन 9 प्रखंडों का नाम, औराई, बंदरा, कटरा, बोचहां, साहेबगंज, मीनापुर, मोतीपुर, सकरा एवं पारू है। इस बात कि सिकयत सिविल सर्जन ने एक पत्र के जरिए किया है।

अपने पत्र में वे लिखते है कि, ” आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को वीएलई के माध्यम से कैप लगाकर गोल्डेन कार्ड निर्गत करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों ने बहुत कम गोल्डेन कार्ड बनाया जा रहा है।” पत्र में सभी पदाधिकरियों को 24 घंटो के अंदर अपना जवाब सबूत के साथ पेश करने का आदेश दिया है।

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