नेपाल और बिहार पुलिस कि हुई बॉर्डर पर नोक झोंक
बिहार नेपाल बॉर्डर पर शांति और सुरक्षा कायम रखने का पूरा श्रेय नेपाल और बिहार पुलिस को जाता है। लेकिन आए दिन खबर मिलती है कि बिहार में शराबबंदी के कारण लोग नेपाल से शराब की तस्करी कर बिहार लाते हैं। इसी तस्करी को रोकने के लिए और रात चार पहिए वाहन की आगमन को रोकने के लिए नेपाल पुलिस ने नो मैंस लैंड यानी की बिहार नेपाल बॉर्डर के बीच का वो जमीन जो खाली पड़ी है, जिस पर किसी का हक नहीं है उस जगह पर रास्ते में ट्राली बैरियर लगा दिया।
ट्राली बैरियर लगाने के बात से नाखुश आसपास के लोग और जिस गांव का वो रास्ता जाता है उस गांव के लोगों ने मिलकर बॉर्डर पर तैनात बिहार पुलिस के आला अधिकारियों की इस बात की खबर दी। इसके बाद लोगों ने उस बगिया को रास्ते से हटा कर किनारे कर दिया। यह घटना होने के तुरंत बाद नेपाल पुलिस के कुछ अधिकारियों ने गांव वालों को ऐसा करते हुए देख लिया जिस पर उन्होंने अपने नेपाली पुलिस के आला अधिकारियों को तुरंत खबर पहुंचाया।
इसपर कानून क्या कहता है? और नेपाली पुलिस की क्या राय है?
असल में कानून के मुताबिक नो मैंस लैंड पर किसी भी देश के पुलिस या सैनिक किसी भी तरह का बढ़िया नहीं लगा सकते हैं यह पूरी तरह से कानून के खिलाफ होगा। नेपाली पुलिस के आला अधिकारियों ने बॉर्डर पर तैनात पुलिस से पूछा कि, आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया। जिस पर बॉर्डर पर तैनात नेपाली पुलिस ने सफाई में कहा कि, “देर रात नेपाल से बिहार की तरफ शराब व अन्य पदार्थों की तस्करी की जाती है, जिसे रोकने के लिए वहां पर बैरियर लगाना काफी जरूरी हो गया था”।

