थाई नागरिक ने लोगो को बेवकूफ बनाकर जब्त की बोध गया की जमीन, जानिए विस्तार में।

वैसे तो राज्य में बेनामी संपत्ति से संबंधित कई मामले सामने आए है, लेकिन यह मामला थोड़ा अलग होने के साथ साथ दिलचस्प भी है। दरअसल यह घटना बोधगया की है। जानकारी के अनुसार बिहार में बेनामी संपत्ति मामले में अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।

आपको बता दे की बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर के पास मौजूद सात बीघे पांच कट्ठा जमीन जिसका प्लॉट नंबर 4488 और खाता संख्या 808 है को आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के एक मामले में जब्त कर लिया है। यह जमीन मूल रूप से दलित समाज के लोगों की है, जिन्हें यहां बसाया गया था और अपनी जीविका चलाने के लिए सालों पहले यह जमीन दी गयी थी। इस जमीन को बेचने या लीज पर किसी दूसरे को देने का अधिकार उनके पास नहीं था।

दिलचस्प बात यह है की सीलिंग की इस जमीन को 2014 में किट्टी नवानी नाम के एक व्यक्ति थाईलैंड मूल के एक व्यवसायी है ने भारत का फर्जी निवासी बनकर दलितों को बहला-फुसला कर फर्जी तरीके से एक ट्रस्ट के नाम पर रजिस्ट्री करवा ली थी। साथ ही इस जमीन का गलत तरीके से गया नगर निगम से दाखिल-खारिज भी करवा लिया गया था।

आयकर ने जब जमीन से जुड़े पूरे मामले की पड़ताल शुरू की, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में जिला निबंधन विभाग और गया नगर निगम दोनों की भूमिका संदेहास्पद मालूम होती है। सवाल ये उठता है की सीलिंग की जमीन होते हुए भी इसकी रजिस्ट्री कैसे हो गयी.

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