बिहार पुलिस को और भी मजबूत तथा हर मुश्किल से निपटने के तरीकों पर हो रहा है शोध।
भविष्य को ध्यान में रखते हुए बिहार पुलिस ने पहले से की है तैयारी शुरू, विभिन्न तरह के जुल्मों से निपटने के लिए तथा समाज में शांति बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस को जिन जिन चीजों की जरूरत पड़ेगी उन सभी पर शोध शुरू कर दिया गया है। उन सभी चीजों में शामिल है जवानों को नई तरह की प्रशिक्षण देना, जवानों को नए हथियार व जवानों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कवच देना। इस शोध को संभालने के लिए बिहार पुलिस अनुसंधान एवं विकास इकाई (बीपीआरएनडी) का गठन किया जाएगा।
इतने बड़े काम को संभालने के लिए कुल 89 पदों का निर्माण किया गया है। इनमें सूचना प्रावैद्यिकी और सामाजिक क्षेत्रों में अध्ययन को दो सलाकार और विशेषज्ञ भी होंगे। एसपी व डीएसपी रैंक के अफसरों के साथ इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर तथा बीपीआरएनडी राज्य अपराध अभिलेश ब्यूरो (एससीआरबी) के अंदर काम करेगी।
बीपीआरएनडी की जिम्मदारियां क्या क्या है?
बीपीआरएनडी एक बहुत ही मुख्य भूमिका निभाएगी। इसका काम होगा पुलिस के लिए नई नई तकनीकी व्यवस्थित करना और देशभर तथा दुनियाभर के पुलिस के कामों को अध्ययन करके बिहार में उसको लागू करना ताकि बिहार में चोर छक्कों का प्रकोप कम हो सके। अपराध नीतियों में संशोधन का भी काम इसी का होगा तथा यह भी मॉनिटर करेगा कि आखिर लोग अपराधी क्यों बनते जा रहे हैं और इस पर रोक कैसे लगाई जाए।

