गणतंत्र दिवस के अवसर पर बिहार की झांकी हुई रद्द, नीतीश सरकार की मेहनत गई पानी में
केंद्र सरकार नीतीश कुमार के गणतंत्र दिवस पर बिहार की ओर से झांकी निकालने के प्रस्ताव को किया इनकार। असल में नीतीश कुमार ने प्रस्ताव डाला था कि बिहार में सबसे बड़े जल जीवन हरियाली क्रांति पर आधारित एक झांकी निकालना का था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे रद्द कर दिया। नीतीश कुमार चाहते थे अपने बिहार में आए बदलावों को देशभर में दिखाना, लेकिन उनके इरादों पर पानी फिर गया।
इस जानकारी की पुष्टि दिल्ली में स्थित बिहार सूचना केंद्र के अधीक्षक ने मीडिया के समक्ष की है। उन्होंने आगे बताया कि बिहार के जल जीवन हरियाली पर आधारित इस झांकी को इसलिए रद्द किया गया है क्योंकि किसी भी झांकी को गणतंत्र दिवस पर दर्शाने के लिए कुछ मानकों को माना जाता है जिस पर बिहार की झांकी खरी नहीं उतर पाई।
विपक्ष इस बात को लेकर बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं, विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी जानबूझकर बिहार के लोगों का अपमान करना चाह रही है। लेकिन जबकि ऐसा नहीं है इससे पहले भी कई राज्यों के झांकियों को रद्द किया गया है क्योंकि झांकी में शामिल होने के मानकों पर वह खड़े नहीं उतर पाए। इसका मतलब साफ यह है कि इस बार 26 जनवरी को आने की गणतंत्र दिवस को हमें दिल्ली के राजपथ पर बिहार की झांकी देखने को नहीं मिलेगी।

