पूर्व मध्य रेलवे में महिला संगठन के नियंत्रण में चल रहे गोरख धंधे की कहानी को जानिये विस्तार में

पूर्व मध्य रेलवे के पांचो मंडलों में पूर्व मध्य रेलबे महिला कल्याण संगठन के आड में रेल अधिकारीयों द्वारा रेल की जमीनों पर बनी दुकानों तथा सम्पत्तियों से किराए की अबैध वसूली जारी, रेल मे चल रहा ये खेल, शायद अंग्रेजो के समय से ही भारतीय रेल को दीमक की तरह खोखला कर रहा है।

रेल मे चल रहे इस खेल को उजागर करने की कोशिश की है दानापुर पटना में रहने वाले रणजीत कुमार मिश्रा ने, जिनके द्वारा संचालित सुधा मिल्क पार्लर को डीआरएम दानापुर ने अवैध बताकर तोड़ दिया है जिसका निर्माण पटना डेयरी प्रोजेक्ट “सुधा” द्वारा रेल से लिखित आदेश 25.01.13 को मिलने पर किया गया था और 10 जुलाई 2013 को तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक द्वारा उद्घाटन किया गया था।

उन्होंने बताते हुए कहा की जुलाई 13 से ही पूर्व मध्य रेलबे महिला कल्याण संगठन के द्वारा किराया के मद में 4500 रुपये किराए की मद में बिना किसी रसीद के लिया जाने लगा, रसीद मांग करने पर धमकाया गया, 3 नवम्बर 15 को रेल सुरक्षा बल के सहयोग से रेल अधिकारीयों ने दुकान को सील कर दिया और अगले महीने से 8000 किराया भुगतान करने की स्वीकृति के बाद ही मुझे लॉकअप से मुक्त किया गया और दुकान को खोल दिया गया, नवम्बर 15 से बिना किसी रसीद के किराया भुगतान से इंकार कर दिया, तब से स्थानीय रेल अधिकारीयों से विवाद चलता रहा, कोई समाधान नहीं निकला तो 30 दिसम्बर को दुकान को अवैध बताकर तोड़ दिया गया।

इस मामले में न्याय के लिए, महाप्रबंधक पूर्व मध्य रेलवे, अध्यक्ष रेलवे बोर्ड, रेल मंत्री श्री पियुश गोयल जी एवं रेल सतर्कता विभाग को पत्र फैक्स, ईमेल द्वारा सूचित करने के बाद भी कोई कारवाई नहीं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए 5 अक्टूबर 18 को लिखे पत्र के आधार पर जांच का आदेश रेल सतर्कता विभाग को दिया है लेकिन आज भी अवैध वसूली जारी है। महिला कल्याण संगठन भारतीय रेल के 17 जोन एवं 68 मंडलों में कार्यरत हैं, सालाना कम से कम 100 करोड़ का किराया घोटाला चल रहा है जो कि कालाधन में तब्दील हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *