हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में उम्र सीमा को बढ़ाने की मंजूरी नहीं दे रही।
पटना हाईकोर्ट के आदेश अनुसार राज्य सरकार को आदेश दिया गया कि, वह (एस ट ई टी) में उम्र सीमा को कम से कम 10 साल बढ़ा दे लेकिन बिहार राज्य सरकार उम्र सीमा को बढ़ाने के मूड में बिल्कुल भी नहीं दिख रही उन्होंने राज्य सरकार ने यह तक कहा कि वह कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करेंगे।
जानिए एस टी ई टी( TET )आखिर क्या है…
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के द्वारा शिक्षकों का चयन किया जाता है, और इस चयन को करने के लिए, “बिहार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा” STET की परीक्षा ली जाती। इस परीक्षा के माध्यम से 9 वीं, 10 वीं और 11 वीं और 12 वीं के लिए शिक्षकों का चयन किया जाता है।
नवंबर 7 को होने वाली परीक्षा भी टालनी पड़ी
पटना हाईकोर्ट ने निर्णय दिया था कि 2011 के बाद से कोई भी एसटीईटी की परीक्षा नहीं हुई, इसलिए 2011 से 2019 के बीच वंचित युवाओं को परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र में 10 साल की छूट मिलनी चाहिए। अभी सामान्य जाती के पुरुष के लिए अधिकतम उम्र 37 वर्ष, सामान्य जाती की महिला या पिछड़ा व अति पिछड़ों के लिए 40 व एससी-एसटी (sc-st) के लिए 42 वर्ष की उम्र निर्धारित है। सरकार के हाईकोर्ट के फैसले को ना मानने पर 7 नवंबर को होने वाली परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है।

