बिहार में फार्मासिस्ट बहाली से क्यों नाराज है बिहार के ये नेता पढ़िए पूरी खबर।

रविवार को रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने राज्य सरकार पर पिछड़ों की हकमारी का लगाया आरोप। प्रदेश कार्यालय में उन्होंने मीडिया से कहा कि, “1311 फार्मासिस्ट की बहाली में एक भी रिक्ति पिछड़े वर्ग के लिए नहीं है”।

यह सीधा इंजम इन्होंने राज्य स्वास्थ्य समिति पर लगाया है। अस्पताल में फार्मासिस्ट बहाली के लिए जो आवेदन मांगा है, इसमें सामान्य वर्ग के लिए 576, एससी के लिए 284, एसटी 20, अत्यंत पिछड़ा वर्ग 244 सीट है, पिछड़े वर्ग में शून्य है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर यह गलती से ऐसा हुआ है, तो तुरंत सुधार करे। इस मामले पर हर बात पर सामाजिक न्याय की दुहाई देने वाली राज्य सरकार पिछड़े वर्ग के युवाओं को जबाव देना होगा।

उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बयान में यह भी कहा कि, इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से बात हुई है, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब अब तक नहीं मिल पाया। स्वास्य मंत्री ने एक दिन बाद पूरी जानकारी देने की बात कही। फार्मासिस्ट बहाली में पिछड़ों के जगह नहीं होना एक गंभीर मामला है, जिस पर सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया है। लेकिन ऐसे कई मामले होंगे, जिसमें पिछड़ों की हकमारी हो चुकी है और आज तक उसपर रौशनी नहीं डाली गई। पढ़ाई, दवाई, सिंचाई, कमाई, कार्रवाई और सुनवाई के मुद्दे पर हर जिले में तीन दिनों का जन संवाद यात्रा शुरू कर रही है, इसकी शुरुआत 28 नवंबर से पश्चिम चंपारण से होगी।

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