सरकार की नाकामी, 80 के बजाए सिर्फ 28 जन सेवा केन्द्र बन सकेंगे
पटना स्मार्ट सिटी प्लान के तहत सरकार द्वारा पटना नगर निगम को पैसे मिले थे करीब 80 जन सेवा केंद्र बनाने के लिए इसमें जमीन में ना मिलने के कारण केवल 28 का निर्माण करने के लिए जमीन मिल सका है। केस 28 जन सेवा केंद्र में मैसेज 10 का निर्माण कार्य 60% पूरा हो चुका है।
बाकी बचे जनसेवा केंद्रों का निर्माण भी जल्द से जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इन जन सेवा केंद्रों में एप्रोच रोड, पेयजल की आपूर्ति और पार्किंग जैसे सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इस पूरे काम के लिए कुल 36.41 करोड़ रु की लागत आएगी। इतने रुपए से कुल 75 वार्ड तथा 5 अंचल में इन केंद्रों का निर्माण होगा। इस प्रोजेक्ट कि शुरुवात जनवरी 2019 को होना था लेकिन समय पर जमीन मा मिलने के कारण अक्टूबर 2019 तक का समय लग गया।
प्रत्येक केंद्र बनने पर कुल 45.51 लाख रुपए का खर्च आता है। इन जन सेवा केन्द्रों में आम जनता को 40 प्रकार की सेवाएं मिलेगी, इनमे शामिल है – जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, होल्डिंग टैक्स, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, फायर एनओसी सहित अन्य काम के लिए अंचल कार्यालय या निगम मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही बिजली कंपनी, कॉलेज फीस, सुरक्षा सेवा , स्कूल में एडमिशन के लिए आवेदन, ट्रांसपोर्टेशन, आधार कार्ड, स्कॉलरशिप आवेदन, इनकम सर्टिफिकेट आवेदन, टेलीफोन बिल, जमीन राजस्व, पैन कार्ड, राशन कार्ड, आवासीय प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस।

