अब केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पटना की हवा में भी घुल गया है जहर।
केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पटना की हवा भी हो गई है काशी चेहरे ली इसके साथ-साथ बिहार के कई और जिलों में भी हवा की क्वालिटी बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी है और इस बात को लेकर चिंता में है राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग।
पटना की हवा हो तो पहले से ही काफी बुरी हालात से गुजर रही थी, लेकिन इस बार दीपावली के बाद हवा में मानो जहर घुल गया हो। लोगों को सांस लेना मुश्किल पर गया, जो सांस के मरीज है उनको हॉस्पिटल में भर्ती करने की नौबत आ गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा रविवार को जारी की गई वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार, पटना का पीएम(p.m) 2.5 का स्तर 428 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर मापा गया है।
दिल्ली की तरह ही पटना शहर पर भी पराली का प्रकोप है। आस पास के जिलों तथा गांव में पराली जलाई जा रही है, और उन्मेसे कुछ जिले हैं, बाढ़, बख्तियारपुर इत्यादि। इसके अलावा भी पटना शहर में बिना ढके या अवैध तरीकों से हो रहे सरकारी या निजी निर्माण कार्यों के चलते भी घातक धूल कणों (p.m)पीएम 2.5 ने प्रदूषण के स्तर को बढ़ा दिया है।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने खेतों में कचरा या पराली जलने की शिकायत करते हुए डीएम को लिखा गया है कि, “कृषि विभाग के सहयोग से इस प्रवृत्ति पर तत्काल लगाम लगाने की जरूरत है, अन्यथा हालात और बिगड़ सकते हैं”।

