अल्ट्रा सोनिक मॉनिटरिंग कि मदद से अब रेलवे में होने वाले हादसों में भारी कमी आएगी

हमारे भारतीय रेलवे में अधिकतम ट्रेनों के हादसे का कारण पटरी टूटने के कारण या पटरी में किसी तरह की गड़बड़ी होने के कारण ही होती है। लेकिन इस पर पिछले कुछ वर्षों से कोई रोक नहीं लगा पा रही थी रेलवे। अब इसका कोई उपाय निकाला जा चुका है, इसके लिए अब रेलवे अत्याधुनिक अल्ट्रासोनिक निगरानी का इस्तेमाल कर ट्रैकों में उत्पन्न हो रही परेशानियों पर नजर रखेगी।

रेलवे के साड़ी पुरानी पटरियां में चौड़ाई कम होती है लेकिन जॉइंट्स ज्यादा होती है जो ठंड मौसम में टूटने लगती है। बिहार में अक्सर यह देखा गया है कि जहां-जहां पटरियां पुरानी पड़ रहा है वह टूट रही है जैसे कि, भागलपुर रेलखंड पर साहिबगंज से जमालपुर तक और भागलपुर से मंदारहिल तक की पटरियां काफी पुरानी है जो हर वर्ष खबर में आती है कि कहीं कहीं टूट गई है। इसे रोकने के लिए अब रेलवे में लंबी लंबी परियों का इस्तेमाल कर रही है जिनमे जॉइंट्स कम है।

अब तो रेलवे के पास अत्याधुनिक अल्ट्रासोनिक मॉनिटरिंग सिस्टम आ चुका है। जिससे सूक्ष्म से भी सूक्ष्म दरारों का पता लगाया जा सकता है। इससे पटरी टूटने से पहले ही रेलवे अधिकारियों को आगाह करा देगा यह सिस्टम। हादसा रोकने के लिए पटरी पर जल्द से जल्द काम सुरु करवा दिया जाएगा।

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