तिरंगे में लिपटा हुआ पार्थिव शरीर देख, पूरा गांव हुआ गमगीन…
एक साल पहले 2018 में सेना में भर्ती हुए 19 साल के जवान कमलेश कुमार का शव जब तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन था। लोग एक दूसरे को ढाढस बंधा रहे थे तो इस दौरान चारों तरफ भारत माता की जय, और शहीद कमलेश अमर रहे के नारे भी गूंज रहे थे। पटना जिला के बख्तियारपुर के लखनपुरा के रहने वाले कमलेश कुपवाड़ा में शहीद हो गए थे।
शहीद के कारवां के साथ लोग जुड़ते गए और इस शव यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। सभी के हाथों मे तिरंगा था जो वीरगति को प्राप्त हुए कमलेश कुमार अमर रहे और भारत माता की जय का नारा लगा रहे थे।
पाकिस्तान की गोलाबारी में शुक्रवार को शहीद हुए कमलेश की ट्रेनिंग खत्म करने बाद ये पहली ही पोस्टिंग थी। ट्रेनिंग खत्म होने बाद कमलेश गांव आए थे लेकिन दोबार उनके शहीद होने की ही खबर गांव में पहुंची। 19 साल के इस शहीद का शव शनिवार की शाम पटना लाया गया था। शनिवार को शहीद के शव को दानापुर कैंट में रखा गया था जिसे रविवार की सुबह दानापुर से उनके पैतृक गांव लखनपुरा लाया गया।

