बिहार समेत पूरे देश में बनेंगी 1023 फास्ट ट्रैक कोर्ट, रेप संबंधी केस पर होगा तेजी से फैसला
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने नए बयान मी किया एक बहुत बड़ा खुलासा, कहा कि, बिहार समेत पूरे देश भर में केंद्रीय मोदी सरकार जल्द ही नए फास्ट ट्रैक कोर्ट खोलने जा रही है। इसकी कुल संख्या 1023 होने जा रही है।
जानिए फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या होता है
फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (FTCs) भारत में वर्ष 2000 में स्थापित किए गए थे, जिसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित सत्रों और अन्य निचली न्यायिक मामलों को समाप्त करना था। अनुमान के मुताबिक, 3 करोड़ से ज्यादा मामले अभी भी पूरे देश में लंभित है। इस कोर्ट का मुख्य उद्देश्य होगा इन लंबित परे केस पर जल्द से जल्द अपना फैसला सुनाना।
फिलहाल पूरे देश भर में केवल 706 फास्ट ट्रैक कोर्ट उपलब्ध है, जो कि किसी भी रूप में पर्याप्त नहीं है दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश में। इन नए कोर्ट को बनवाने में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर खर्च करेगी, फिलहाल इसपर खर्च करने के लिए 90 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को आदेश दिया है कि अपने राज्य में पुलिस प्रशासन को आदेश दिया जाए कि रेप संबंधित सभी केस पर 2 माह के अंदर सारी तैखिकत पूरी कर ली जाए।

