ठंडे देशों से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों ने बनाया गंगा किनारे अपना बसेरा…
भागलपुर में सबौर से लेकर सुल्तानगंज तक गंगा किनारे प्रवासी पक्षियों ने अपना डेरा जमा लिया है। ठंडे देशों से पहुंचे एक हजार से 1200 के करीब प्रवासी पक्षियों ने यहां पर अपना बसेरा बनाया है। जानकारों के मुताबिक, अगले साल मार्च तक ये पक्षी यहां रहेंगे। इन पक्षियों के ऊपर पीजी जूलॉजी विभाग के शिक्षक और शोधार्थी शोध में जुट गए हैं।
प्रवासी पक्षियों पर काम कर रहे जूलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डीएन चौधरी ने बताया कि इस बार अलास्का से चकवा (ब्रहमणी डक), आस्फ्रे (मछली मार), यूरेशियम करल्यू, साइबेरिया से कस्या चाहा, पट्टीधारी सबन, रूस से घूमर, चम्मच बजा, तिब्बत से कॉमन सेंट पाइपर पक्षी आ चुका है। एक साइबेरियन पक्षी पन कौआ भी देखा गया है, जो पानी के अंदर प्रवेश कर मछली पकड़ने में माहिर होता है।
टीएनबी पीजी विभाग के छात्रों के दल ने दो दिनों तक लगातार गंगा किनारे पक्षियों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने गंगा में बड़ा गरुड़ भी देखा। जानकारों ने बताया कि कदवा दियारा से गरुड़ गंगा तक पहुंच रहा है। यह अच्छा संकेत है।
जूलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डीएन चौधरी ने बताया कि इको अवेयरनेस क्लब के द्वारा छात्रों के दल को गंगा किनारे के गांवों में भेजकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जाएगा, ताकि प्रवासी पक्षियों के शिकार को रोका जा सके।

