मार्च तक 500 प्रदूषण केंद्र खुलने की संभावना…
बिहार में मार्च तक पीपीपी मोड पर 500 नए प्रदूषण जांच केन्द्र खुलेंगे। अभी तक पूरे राज्य में 100 प्रदूषण केन्द्र खुल चुके हैं। जिला परिवहन पदाधिकारी ही अब प्रदूषण जांच केन्द्र का लाइसेंस निर्गत कर रहे हैं। प्रदूषण केन्द्र खोलने की प्रक्रिया इतनी सरल कर दी गई है कि पांच -छह दिनों में ही पूरे राज्य में 100 जांच केन्द्र खुल गए। अब इंटर (साइंस) पास व्यक्ति भी वाहन प्रदूषण जांच केंद्र चला सकते हैं। पूर्व में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या ऑटोमोबाइल अभियंत्रण में डिग्रीधारी या डिप्लोमाधारी को ही वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर रखा जाना आवश्यक था। लेकिन, वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों की पर्याप्त संख्या में वृद्धि हो सके, इसके लिए इंटरमीडिएट या 12वीं कक्षा (विज्ञान के साथ) उत्तीर्ण व्यक्ति को भी वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर रखे जाने का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार ने पिछले माह ही निर्णय लिया था कि पीपीपी मोड पर हर प्रखंड में एक प्रदूषण केन्द्र खोले जाएंगे। परिवहन विभाग की योजना है कि हर शहर में अधिक से अधिक प्रदूषण केन्द्र खोला जाए ताकि वाहनों के प्रदूषण की जांच आसानी से हो सके। राज्य में अधिक से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना हो सके इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लिये जाने वाले अनुज्ञप्ति, नवीकरण, आवेदन सहित अन्य शुल्क में कमी की गई है। साथ ही वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों का लाइसेंस या लाइसेंस का रिन्यूअल आसानी से हो सके इसके लिए ऑनलाइन शुल्क जमा करने की व्यवस्था की गई है।

