अब विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा कृषी विज्ञान…

किसानों को वैज्ञानिक तरीके से बेहतर खेती में मदद देना हमारा कर्तव्य है। कम लागत में खेती कर किसान कैसे अधिक लाभ लें इसके लिए हमें निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। विद्यार्थियों को कृषि पाठ्यक्रमों में जुड़ने के लिए भी हमें प्रेरित करना चाहिए। सकारात्मक सामाजिक कार्यों में हमें बढ़ कर भाग लेना चाहिए।

यह बातें कृषि विान संस्थान बनारस हिन्दू विवि के पूर्ववर्ती छात्रों के सम्मेलन में यहां के पूर्ववर्ती छात्र वक्ताओं ने कहा। अलग-अलग साल में उत्तीर्ण विद्यार्थी (अब विभिन्न संस्थानों में कृषि वैज्ञानिक व अधिकारी) रविवार को राजधानी में गर्मजोशी से मिले। कॉलेज की पुरानी यादें एक-दूसरे से शेयर किया तो चेहरे पर मुस्कुराहट देर तक तैरती रही। कृषि विभाग, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि, राष्ट्रीयकृत बैंक, जीविका, बिल गेट्स मिरिंडा फाउंडेशन, उर्वरक, बीज, कीटनाशी संस्थानों में कार्यरत पूर्ववर्ती छात्र-छात्राएं परिवार के साथ देर तक एक दूसरे से बातें की।

इस दौरान बिहार चैप्टर द्वारा गरीबों को पिछले दिनों कंबल वितरण की भी चर्चा हुई। सामाजिक कार्यों में बढ़ कर भाग लेने पर सभी एकमत थे। कृषि विज्ञान को कॅरियर के रूप में चुनने और इसमें रोजगार की संभावनों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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