उधोग व्यवसाय में बिहार को नहीं उठानी पड़ेगी कोई भी परेशानी….
राज्य भर में 2005 के बाद उद्योग के क्षेत्र में कई बदलाव हुए हैं. उद्योग धंधा लगाने में किसी भी जिले में कोई परेशानी नहीं है. गांव-गांव में बिजली 22 से 24 घंटे तक रहती है. सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में कम कीमत में उद्योग धंधा लगाया जा सके. ये बातें आद्री परिसर में शुक्रवार को आद्री और इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री श्याम रजक ने कहीं.
उन्होंने कहा कि उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बियाडा को जमीन हस्तांतरित किया गया है, ताकि छोटे उद्योग को बढ़ावा मिल सके.जीविका के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है.
जॉन हॉपकिंस स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज के प्रोफेसर जोहान्स ने कहा कि नौकरी पैदा करना भारत की मूल चुनौती बनने जा रहा है क्योंकि देश में युवाओं की बड़ी आबादी है. बिना नौकरी आप जीवन की बुनियादी जरूरतों में निवेश नहीं कर सकते हैं. आद्री के सदस्य सचिव डॉ शैबाल गुप्ता ने कहा कि प्रोफेसर जोहान्स वर्षों से बिहार में विद्युत आपूर्ति में सुधार लाने जैसे विषयों पर अनुसंधान करते रहे हैं.

