नाबालिग लड़की के साथ दो महिने से चल रहा रेप और अपहरण का गंदा खेल, क्या पैसों ने बाँध रखे है प्रशासन के हाथ।

पूर्वी चंपारण की एक रूह कांपने वाली घटना सामने आई है। नाबालिक लड़की का अपरहण कर उसे ब्लैकमेल किया गया अथवा उसके परिवार को गंदी गालियां देकर धमकाया गया साथ ही जब उन्होंने इसका विरोध कर केस दर्ज करायी तो लड़के वालो ने लड़की के चाचा कि हत्या कर दी।

घटना की गहराई तक जाने के बाद हमें यह पता चला कि 2 मई 2019 को भारत भूषण कुमार जो कि पूर्वी चंपारण के निवासी हैं उनकी नाबालिग बेटी नेहा कुमारी (उम्र 15) का कुछ लड़कों ने मिलकर अपहरण किया एवं उसे बेचने के इरादे से नेपाल ले गए। उन लड़कों के नाम सामने आए हैं वह है: लड्डू कुमार (उम्र 19) अजितेश सहनी, मनीष श्रीवास्तव (उम्र 19), सोनू कुमार (उम्र 19)।
आपको बता दें की इन लड़कों ने लड़की की गंदी तस्वीर एवं वीडियो भी बनाई। फिर इन सब ने लड़की को लेकर रक्सौल लौटा। लड़की ने इस साल मैट्रिक की परीक्षा दी थी।
लड़की के समझदारी के कारण वह जान गई की वह इंडिया आ चुकी तथा उसने बहादुरी दिखाते हुए वहां से भाग निकली और अपने घर आ पहुंची।

बात यहां खत्म नहीं हुई थी। लड़की के पिता ने इन सब के बाद लड़की को उसके मौसा के घर बेतिया भेज दिया। उसके बाद फिर 21 जून 2019 की देर रात 1:30 बजे अपहरणकर्ताओं ने अश्लील फोटो एवं वीडियो से लड़की को ब्लैकमेल कर दोबारा उसका अपहरण कर लिया और अभी तक लड़की की कोई खबर नहीं मिली‌ है।

लड़की के पिता ने घटना की जानकारी नजदीकी थाना को भी दी एवं केस संख्या(349/19) भी दर्ज कराया है जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

साथ ही लड़के के पिता लड़की के घर आकर गंदी गंदी गालियां देता है तथा खुलेआम यह धमकी देता है की केस वापस लो तभी लड़की मिलेगी।

नई घटना सामने अायी है कि केस ना उठाने पर लड़के वालो ने परसो लड़की के चाचा की हत्या कर दी। सूत्रों से पता चला है कि लड़के वाले शराब का व्यवसाय करते है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए है एवं पैसे के दम पर लड़के वाले अभी तक धमकियां दे रहे हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि इन सब घटना के बावजूद वहां की स्थानिये पुलिस एवं कोई मीडिया के‌ कानो पर जूं तक नहीं रेंग रही है, अौर बदले मे सलाह दे रहें है केस वापस लेने की।

एसपी साहब के पास दरख्वास्त देने कि भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे मे कैसे मिलेगा इंसाफ?
क्या सिर्फ पैसों ने हाथ बाँध रखे है सबके? नाबालिगो कि जिंदगी को इस तरह दबोचे जाने पर कौन लेगा इसकी जिम्मेदारी?
हम कैसे समाज में जी रहे है, देश में नारी सशक्तिकरण पर लालकिले से आवाज आती है लेकिन शायद वो आवाज दिल्ली तक ही रह जाती है।
न जाने ऐसी घटनाएं कितने गाँव, शहर और सिटी में रोज घटती है, लेकिन लोग चुप बैठे तमाशा देखते है।

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