सरकार पर बहुत आरोप लगा चुके, बहुत तंज कस दिए अब जरूरत है खुद में थोड़ा बदलाव लाने का
सरकार के कामों पर तंज कसना और खामियां निकालना गाली देने के बाद दूसरा सबसे आसान काम है। हम आम नागरिक है, सरकार से सवाल करेंगे ही, सरकार को गलियायेंगे ही बस नहीं करेंगे तो वो है अपना कर्तव्य।
बिहार में कितना भी ब्राह्मणों का जातिवाद खेल क्यों न रच जाये लेकिन नीतीश सरकार ने काम तो किया है। चाहे वो सड़क हो, पानी हो या और कोई समस्या। देखिये हमको यह समझना होगा की कितना भी अच्छा खाना कोई परोस के काहे नहीं दे दे लेकिन जब तक अपने हाथ से खायेंगे नहीं उसका स्वाद कतई नहीं समझ आयेगा।

ये तस्वीर हमारे दरभंगा जंक्शन की है। पहले से स्थिति में बहुत सुधार आया है। स्टेशन को साफ रखा जाता है साथ ही पुलिस चेकिंग में बढ़ोतरी हुई है जिससे छिन झपट और चोर उचक्कों से राहत है। बायो टॉलेट भी बनाया गया है। गर्मी को देखते हुए ठंडे पानी की दर्जनों टंकी लगायी गई है। लेकिन इन सब के बावजूद सुधार नहीं आया है तो वो है हम लोगों के रवईये में। आखिर कब तक शॉर्टकट के जरिए हम अपना काम करते रहेंगे।
अब इस तस्वीर को ही देख लीजिए कि किस तरह लोग मेन गेट का इस्तेमाल ना करके दीवार कूद कर जा रहे है। अौर जो स्थिति देखने को मिल रही है, तो वो दिन ज्यादा दूर नहीं जब ये दीवार टूटा हुआ मिले।

सरकार काम ही करेगी, उसको ढंग से इस्तेमाल करना साथ ही उसका रख रखाव करना हमको ही सीखना होगा। बुद्धिजीवी बनीये और सरकार को कोसने के साथ साथ तरीका सिखीये चीजों को इस्तेमाल करने का।

