शारदीय नवरात्रि का आज साँतवा दिन है, जाने सप्तमी के विशेष महत्व को
दुर्गा पूजा 10 दिनों तक मनाया जाने वाला त्योहार है और हर एक दिन का अपना अलग महत्व है। आखिरी के चार दिन बेहद पवित्र माने जाते हैं और इन्हें पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि के सातवें दिन महा पूजा की शुरुआत होती है जिसे महा सप्तमी के नाम से जाना जाता है। सप्तमी शब्द की उत्पत्ति सप्त शब्द से हुई है जिसका अर्थ है सात। सत्पमी की सुबह नवपत्रिका यानी कि नौ तरह की पत्तियों से मिलकर बनाए गए गुच्छे की पूजा कर दुर्गा आवाह्न किया जाता है। इन नौ पत्तियों को दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है।. नवपत्रिका को सूर्योदय से पहले गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी के पानी से स्नान कराया जाता है। इस स्नान को महास्नान कहा जाता है।

महास्पती के दिन महास्नान का विशेष महत्व है। इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमा के आगे शीशा रखा जाता है. शीशे पर पड़े रहे मां दुर्गा के प्रतिबिंब को स्नान कराया जाता है, जिसे महास्नान कहते हैं।

