डूबने से बचे रामकृपाल यादव, एक हादसा से टली उनकी जान, जाने खबर विस्तार से
बिहार बाढ़ और बारिश से बेहाल है। इसी बीज पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव डूबते-डूबते बचे।
फेसबुक पोस्ट लिखकर उन्होंने इस बात की जानकारी दी है। दरअसल धनरुआ के रमणी बिगहा इलाके में पानी की गहराई ज्यादा थी और नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई थी। नाव कुछ दूर ही आगे बढ़ी थी तभी डूब गई। स्थानीय लोगों ने रामकृपाल यादव को डूबने से बचा लिया।

उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन केवल पटना पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। वे ग्रामीण क्षेत्रों को नहीं देख रहे हैं, लोग रो रहे हैं। भोजन की अनुपलब्धता के कारण मवेशी मर रहे हैं। यहां तक कि मुझे एक नाव भी नहीं मिली, मुझे बाढ़ वाले इलाकों का दौरा करने के लिए एक अस्थायी नाव का उपयोग करना पड़ा।
वही दुसरी तरफ महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘देश की आजादी में चंपारण सत्याग्रह की बड़ी भूमिका है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।’
उन्होंने कहा कि इस अभियान की औपचारिक शुरुआत पटना में कर दी गई है, और जिले के शेष क्षेत्रों में इसे 26 अक्टूबर को विधिवत शुरू किया जाएगा। इस मौके पर राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी उपस्थित रहे।

