घुसपैठियों के दिन हो गए अब पूरे, बिहार में भी लागू होगा एनआरसी, पढ़े पूरी खबर।
जल्द ही बिहार में लागू होने जा रहा है राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी), जिसके तहत केवल भारत के निवासी बिहार में रह सकते हैं और जो भी बाहर किसी देश से घुसपैठियों की तरह हमारे देश में घुस आए हैं उनको नागरिकता नहीं मिलेगी।
विस्तार से जाने आखिर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) क्या है?
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) भारत सरकार द्वारा असम राज्य और भारत के अन्य राज्य के भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए नाम और कुछ प्रासंगिक जानकारी रखने वाला रजिस्टर है। रजिस्टर विशेष रूप से असम राज्य के लिए बनाया गया था। 1951 की भारत की जनगणना के बाद यह रजिस्टर पहली बार तैयार किया गया था और तब से लेकर आज तक इसे अपडेट नहीं किया गया है। पूर्वोत्तर भारत का असम राज्य भारत का पहला राज्य बन गया है जहाँ NRC का लागू किया जा रहा है, और अब बिहार में नहीं राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू होने की बात चल रही है।
आखिर क्यों किया जा रहा है ये सब?
भारत में आए दिन पड़ोसी देश जैसे नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, मयम्मार, श्री लंका से लोग गैरकानूनी रूप से बॉर्डर पर कर भारत में दाखिल होते हैं। उनके यहां आने के बहुत सारे कारण है, आसान भासा में बोले तो वह लोग भारत में बेहतर जिंदगी जीने आते है। मगर इससे भारत के मूल निवासियों को सरकार द्वारा दी जाने वाली सेवाओं का पूरा फायदा नहीं होता और तो और भारत का पैसा इन विदेशियों पे खर्च होता है। लेकिन राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू होने के बाद ये सब बन्द हो जाएगा, देशी और विदेशी में फरक करना और भी आसान हो जाएगा।

