NCRB कि रिपोर्ट में बिहार बच्चो कि तस्करी में तीसरे नंबर पर, सरकार की सारी कोशिश फेल
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) (NCRB) के रिपोर्ट के अनुसार बिहार बाल तस्करी के मामले में पूरे भारत में तीसरे नंबर पर आता है। हर दिन एक बच्चे का अपहरण होता है कहीं ना कहीं पूरे बिहार में। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार बाल तस्करी के मामले में पहले नंबर पर राजस्थान जबकि दूसरे पायदान पर पश्चिम बंगाल है।
आंकड़ों के अनुसार केवल बिहार में वर्ष 2017 के बाद 18 वर्ष के उम्र के 395 बच्चो की तस्करी की गई। 395 में से 33 बच्चियां थी 18 साल की और बाकी बचे 362 लड़के थे। इनमे से 366 बच्चो को जबरन बाल मजदूरी करवाया गया। यह सभी बच्चो को पुलिस ने सही सलामत बरामद कर लिया है। बिहार में प्राथमिक शिकायत यही कि FIR दर्ज करने को लेकर भी पुलिस प्रशासन पर सवाल किए गए
बिहार में हुए 395 घटनाओं में से केवल 121 मामलों का की शिकायत दर्ज मिला। समय पर प्राथमिक शिकायत ना जांच होना और करवाई भी समय पर ना होने पर भी सवाल किए जाने पर पुलिस ने अपने बयान में कहा कि, “आरोपपत्र जांच के बाद दायर किया जाता है जो प्रत्येक मामले के दर्ज होने के तीन महीने के भीतर दायर किया जाता है, लेकिन एनसीआरबी द्वारा साल में केवल एक बार डेटा मांगा जाता है। राज्य में सीसीटीएमएस तंत्र के वर्तमान में विकसित नहीं होने के कारण समय पर डेटा फीड नहीं हो पाता है। सीसीटीएमएस को लागू करने के लिए काम जारी है।”

