बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के हित में लिए गए कुछ अहम फैसले।
पटना: बिहार कैबिनेट (Bihar Cabinet) की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में कुल 15 एजेंडा पर मुहर लगी। इनमें किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। इसके अलावा पटना मेट्रो समेत अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। नागरिकों को अब महज 10 दिनों के अंदर ड्राइविंग लाइसेंस और अधिकतम 30 दिनों के अंदर मकान का नक्शा देने का बड़ा फैसला भी लिया गया।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह भी बताया कि परिवहन और नगर एवं आवास विभाग की नई योजनाओं के शामिल होने के साथ ही इस अधिनियम में शामिल सेवाओं की संख्या 58 हो गई है। साथ ही कि वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के आवेदन अधिकतम 30 दिन के अंदर स्वीकृत या अस्वीकृत किए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार सरकार प्रदेश के अलग-अलग महकमे में विभिन्न श्रेणी के 1879 पदों पर बहाली करेगी। जिन विभागों में बहालियां होनी हैं उनमें समाज कल्याण, पंचायती राज और स्वास्थ्य विभाग हैं। एवं समाज कल्याण विभाग में जिला एवं अनुमंडल स्तर के कुल 1465 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
इन सब के बाद केंद्रीय सहायता से इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान शेखपुरा में बनाए जा रहे स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के लिए 77.29 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
बिहार वासियों के लिए खुशखबरी ये है की पटना मेट्रो का काम डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड) को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिली। डीएमआरसी 482.87 करोड़ रुपये लेकर मानव संसाधन मुहैया कराएगी।

