ग्रामीण सड़कों पर सरकार की नजर अब कायम रहेगी, गड़बड़ी मिलने पर इंजीनियर व ठेकेदार पर होगा मुकदमा
अक्सर हमे देखने को मिलता है कि इंजीनियर व ठेकेदार ग्रामीण सड़कों को बनाकर रफूचक्कर हो जाते हैं और कुछ ही महीनों बाद सड़कें पूरी तरह जर्जर हो जाती है। खराब मटेरियल के इस्तेमाल करने के कारण ऐसा होता है, लेकिन अब यह सब नहीं होने वाला क्योंकि सरकार ने फैसला किया है कि ग्रामीण सड़कों पर नजर रखा जाएगा मोबाइल ऐप के द्वारा। पूरी जानकारी विस्तार से ले…
कुछ इस तरह काम होने वाला है
बिहार सरकार ने फैसला किया है की ग्रामीण सड़कों पर एक फरवरी से मोबाइल एप के जरिये नजर रखी जायेगी। इसके साथ ही हर 3 महीने पर सड़कों की नियमित जांच की जायेगी, जिसमे शामिल होगा हर सड़क की तस्वीर लेना और रिजल्ट एप सिस्टम में दर्ज किया जायेगा। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी पाये जाने पर संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर पर कार्रवाई होगी।
सरकार के इस कदम का असली मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोड़े रखना और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा को विकसित करना है। इस काम कि जिम्मेदारी मिलेगी ग्रामीण कार्य विभाग को। ग्रामीण कार्य विभाग सभी सड़कों की मॉनिटरिंग करेगी साथ ही गड़बड़ी मिलने पर सरकार को रिपोर्ट भी करेगी, उसके बाद उस सड़क से जुड़े इंजीनियर और ठेकेदार पर उचित कार्रवाई होगी।

