प्रकृति मां की रक्षा के लिए लगा देंगे जी जान, पर्टीवाद से उप्पर उठकर काम करेंगे: नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का मंगलवार को मुजफरपुर जिले मी जल जीवन हरियाली यात्रा के दौरान मुजफरपुर कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक थी। उस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जी ने ऐसा बयान दिया जो कुछ को खुश कर दिया कुछ को आशा दी।
मुख्यमंत्री जी कहते हैं कि, “दलगत भावना से ऊपर उठने की जरूरत है। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में सावधान होने का वक्त आ गया है। परिस्थितियों को भांपते हुए जल जीवन हरियाली योजना लायी गई है। प्रदूषण और जलसंकट जैसी समस्याओं से निबटने के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।”
जमीनी पानी के स्तर मी भारी गिरावट आने के बाद बिहार के जिन जिलों मी कभी पानी कि किल्लत नहीं आई वहा कुछ वर्षों से सूखा पर रहा है। आखिर ऐसा क्यों? इसका सीधा जवाब है हरियाली कम होने के कारण, और इसी से लडने के लिए नीतीश जी ने यह यात्रा की शुरुवात कि।
मुजफ्फरपुर में हुए इस बैठक में उन्होंने आगे कहा कि, ” जल संचयन पर विशेष बल दिया जा रहा है। छोटी नदियों और नालों पर जल संचयन की संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में चेक डैम बनाए जा रहे हैं। सरकारी भवनों की छतों पर जल संचयन की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।”
सभी सरकारी भवनों के छत पर जल संचय किया जाएगा और लोगो से अपील है कि वह भी ऐसा करने का प्रयास करें।

