बिहार के सड़को पर नहीं चलेगी अब झारखंड की गाड़ियाँ, जानिए क्या है पूरा नियम।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लोगों से आग्रह किया है कि राज्य के निवासी बिहार से ही गाड़ी खरीदें। बिहार में झारखंड की गाड़ियां अब नहीं चल सकेंगी। जल्द ही इसपर निर्णय लिया जाएगा। मोदी के अनुसार अब झारखंड की गाड़ियों का बिहार में निबंधन कराना जरूरी होगा। इसके साथ ही सुशील मोदी का मानना है कि वाहनों के लिए नए नियम लागू होने के बाद राज्य में चार पहिया वाहनों की बिक्री कम हुई है। कुछ दिन पहले गाड़ियों की बिक्री घटने से मंदी आने की संभावना पर सुशील मोदी ने इनकार किया था।

मोटर वाहन (संशोधित) अधिनियम-2019 के प्रावधानों को हर हाल में लागू करने का फरमान और सख्त चेकिंग का असर व्यावसायिक वाहन चालकों पर नहीं पड़ रहा है। नियमों की अनदेखी कर बेलगाम व्यावसायिक वाहनों का सड़कों पर परिचालन नहीं थम रहा है।

बावजूद इसके शहरी क्षेत्र में चल रहे ऑटो व बस चालकों की मनमानी जारी है। शहर में लगभग 14000 ऑटो के परिचालन के लिए परमिट निर्गत किया गया है। प्रदूषण व यातायात पर बढ़ते बोझ के कारण नए परमिट जारी करने पर रोक लगी हुई है। बावजूद इसके अनुमान के मुताबिक अभी लगभग 20 हजार ऑटो चल रहे हैं।

इसलिए ऑटो पर परमिट के अनुसार पट्टी लगाने का निर्देश दिया गया है। ऐसे ऑटो चालकों पर दो हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है। प्रशासन की ओर से बसों को भी ओवरलोडिंग रोकने और सिर्फ स्टैंड पर रोकने के निर्देश कई बार दिए जा चुके हैं, फिर भी बसों में धड़ल्ले से यात्रियों को ठूसा जा रहा और बीच सड़क पर बस रोकी जा रही हैं।

पट्टी लगाने के कुछ प्रकार निम्नलिखित है:-
1.शहरी क्षेत्र में चलने वाले ऑटो पर चारों तरफ से छह इंच की लाल रंग की पट्टी लगानी होगी।

2.ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाले ऑटो पर चारों तरफ से छह इंच की हरी पट्टी लगानी होगी।

3.शहरी क्षेत्र वाले ऑटो पर ‘शहरी क्षेत्र के लिए’ और ग्रामीण क्षेत्र के ऑटो पर ‘ग्रामीण क्षेत्र के लिए’ पट्टी के ऊपर स्पष्ट लिखना है।

4.ऑटो पर चालक का नाम, मोबाइल नंबर और गाड़ी का लाइसेंस नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

5.बस या ऑटो निर्धारित स्टैंड पर ही खड़े करके सवारियां उतारी जाएं और बिठाई जाएं।

6.परमिट में निर्धारित यात्री क्षमता से अधिक सवारी नहीं बिठाया जाना है।

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