बिहार शराब बंदी पर जानकारी जुटाने के लिए बनाया गया स्पेशल कमिटी
बिहार में शराब बंदी की शुरुवात नीतीश सरकार के द्वारा कि गई थी। इसके तहत बिहार मी शराब बेचने , पीना या शराब के साथ रंगे हाथो पकड़े जाना कानूनन जुर्म है। ऐसे पाएं जाने पे फाइन के साथ साथ जेल भी हो सकती है। इसी बीच खबर आई है कि, राजस्थान सरकार ने मंगलवार को बिहार में लागू शराब बंदी नीति का अध्ययन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया।
राजस्थान सरकार भी बिहार से प्रेरणा लेकर अपने राज्य में ऐसी ही नियमो को लागू करने की सोच रही है। यह उच्च स्तरीय टीम 5 लोगो की होगी जो बिहार आ कर 1 सप्ताह यानी की 7 दिनों तक बिहार में चल रहे शराब बंदी पर नीतीश सरकार से जानकारियां लेगी। जानकारी लेने की प्रक्रिया में शराब बंदी से हुए फायदे, नुकसान और यह कितनी प्रभाविक रही, इन सभी पहलुओं पर जानकारी लेगी।
शराब की बिक्री से राजस्थान सरकार मोती रकम कमाती है, सरकार के इस कदम से कर के रूप में होने वाली शराब कि बिक्री से कमाई पूरी तरह बन्द हो जाएगी। मगर फिर भी राजस्थान के कई सांसद और खास कर जनता सरकार के इस कदम का दिल से स्वागत करने जा रही है। और गर्व कि बात तो यह है कि इसकी पूरी संभावना है कि राजस्थान शराब बंदी में बिहार के मॉडल को अपनाने वाला है।

