रेलवे की निजीकरण कि शुरुवात हुई बिहार के इन 14 स्टेशनों से, पूछताछ काउंटर हुआ प्राइवेट
रेलवे की निजीकरण करने कि सरकार की पहल हमे बिहार में अब साफ साफ दिख रहा है, बिहार और यूपी के 14 इन छोटे बड़े स्टेशनों में पूछताछ काउंटर को दिया जाएगा निजी कंपनियों को। लोगो को मिलेगा बंपर फैयदा, अधिक जानकारी के आगे…
इन स्टेशनों पर होगा निजीकरण
इसके लिए सरकार ने टेंडर निकाला है जिसके अंतिम तारीख 19 फरवरी 2020 है। बिहार और यूपी के 14 स्टेशनों को चुना गया है पहले चरण के ट्रायल के लिए, इन स्टेशनों में मिलेगी सुविधा: बिहार के इन (सिवान, मधुबनी, छपरा, बलिया,) तथा उत्तर प्रदेश के (मऊ, वाराणसी सिटी, बालोथरा रोड, देवरिया सदर, आजमगढ़, भटनी, इलाहाबाद सिटी, सलेमपुर, और निहार )स्टेशनों। इन स्टेशनों के पूछताछ काउंटर को दिया जाएगा प्राइवेट कंपियों के हाथो में।
ऐसे होगा आम जनता को फ़ैयदा
कई बार हम देखते है की रेलवे के अधिकारी अपनी ड्यूटी होने के बावजूद अपनी जगह पर नहीं रहते, या काम में मन नहीं लगते, काम को सरकारी नौकरी समझ के पैर पर पैर रखकर काम करते है जबकि हमे जल्दी रहती है। तो इन सब चीजों से हमे छुटकारा मिलेगा निजीकरण करने से, क्युकी अगर कोई अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं करेगा तो उसके पैसे कट लिए जाएंगे, यही वजह है कि कई लोग इसके विरोध में है।

