सफलता ने दिया प्रमाण, लिट्टी चोखा बेचने वाले के पुत्र बना डीएसपी।
बिहार के छपरा में मेहनत ने फिर एक बार इतिहास रचा और कहानी बनी एक पुत्र की। लिट्टी-चोखा बेचकर माता-पिता ने जिस अरमान से अपने बेटे काे पढ़ाया-लिखाया, उसे बेटे ने पूरा कर दिखाया। छपरा के लाल कृष्ण कुमार ने बीपीएससी में सफलता दर्ज कर डीएसपी बने। माता-पिता अपने बेटे की सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं।
दरअसल, ये कहानी मदन प्रसाद गुप्ता एवं उनकी पत्नी दुर्गा देवी की है जिसने गरीबी की जिंदगी में भी अपने बेटे कृष्ण कुमार की पढ़ाई-लिखाई में कोई कमी नहीं की। कृष्ण कुमार ने भी मेहनत से कभी जी नहीं चुराया।बेटे ने बीपीएससी की 63 वीं परीक्षा में 86वीं रैंक लाकर अपने माता-पिता के सपनों को पूरा किया। वह डीएसपी बन गए।
सफलता मिलने पर कृष्ण कुमार काफी खुश हैं और बताते हैं कि पिता ने संघर्ष कर हमें पढ़ाया है। उन्होंने बताया कि हालांकि पिछले साल 60-62 वीं बीपीएससी परीक्षा में राजस्व अधिकारी के रूप में मेरा चयन हुआ था। नौकरी ज्वाइन करने के बाद परिवार को आर्थिक रूप से मजबूती मिली।
उन्होंने बताया कि लेकिन राजस्व अधिकारी से हम संतुष्ट नहीं थे। इसलिए फिर से रैंक सुधारने के लिए एग्जाम दिया और इस बार मैं डीएसपी पद पर चयनित हुआ हूं। अब मैं आइएएस बनने के लिए अब यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करूंगा। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देता हूं।
Input danik jagran

