बेरोजगारी की पहुँची चरम सीमा पर, IITian कर रहे ग्रुपD की नौकरी।

जिंदगी के मार की चोट तब लगती है जब आपको अपनी काबिलियत के अनुसार स्थान नहीं मिल पाता है। अब इसे किस्मत का दोष कहें या बेरोजगारी की कहानी।

आपको जान कर हैरानी होगी की देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में शुमार आईआईटी से बीटेक और एमटेक करने के बाद पटना बिहटा पालीगंज निवासी कुमार श्रवण ने रेलवे की ग्रुप डी में नौकरी ज्वॉइन की है। इसे सरकारी नौकरी का क्रेज कहें या फिर रोजगार के सीमित अवसर, लेकिन कुमार श्रवण ने ट्रैक मेंटेनर बन कर मिसाल पेश की है।

उन्होंने अपनी बातचीत में बताया कि सरकारी जॉब में जो सिक्यूरिटी है, वह प्राइवेट जॉब में नहीं। रेलवे की बात ही अलग है। रेलवे से जुड़ कर वे काफी खुश हैं। एक सवाल के जवाब में श्रवण ने बताया कि कोर्स पूरा होने के बाद आईआईटी में कैंपस के लिए कई कंपनियां आईं थीं लेकिन सभी नन कोर सेक्टर में जॉब दे रही थीं। उन्हें कोर सेक्टर में काम करना था। पहली नौकरी है। आरआरबी एनटीपीसी की भी परीक्षा दी है। भविष्य में डिपार्टमेंट प्रमोशन के लिए भी प्रयास करेंगे। फिलहाल वे पूरी निष्ठा से रेलवे की ओर से मिली जिम्मेवारी का वहन कर रहे हैं। श्रवण के बड़े भाई रंजीत कुमार पटना में पीडब्ल्यूडी में नौकरी करते हैं।

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