बिहार और यूपी में प्रधान मंत्री आयुष्मान भारत योजना पूरी तरह से फेल…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना बिहार और यूपी में पूरी तरह से फेल। जबकि दक्षिण तरफ के राज्यों में ज्यादातर पैसों का निवेश हुआ आयुष्मान भारत के तहत।
30 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले इन दोनों राज्यों में इस योजना के तहत लोगों की हिस्सेदारी ना के बराबर। तमिलनाडु गुजरात आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में इस योजना के 50% राशि खर्च हुए। सूत्रों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी वजह है लोगों के बीच जागरूकता ना होना। बिहार और यूपी के लोगों का अब तक पता ही नहीं आयुष्मण भारत आखिर क्या है…। जबकि जिन राज्यों में आयुष्मान भारत जैसी सरकार द्वारा दी गई योजना की जागरूकता फैली हुई है वहां के लोग इसका पूरी तरह से लाभ उठा रहे हैं।
इसका एक और कारण है राज्य सरकार द्वारा उचित जागरूकता ना दिखाना या फिर राज्य में पैसा आने के बावजूद वैसा ढांचा ना होना जिससे पैसे का सही रूप से इस्तेमाल कर लोगों को स्वास्थ्य कार्ड बना कर दिया जा सके। बिहार तथा यूपी राज्य में पैसे के सही इस्तेमाल के ढांचा ना होने कारण इतना पिछड़े हुए हैं लोग। झारखंड राज्य में आयुष्मान भारत के तहत पैसे आने के बावजूद हॉस्पिटल में कंप्यूटर में सही सॉफ्टवेयर ना होने के कारण लोगों को स्वास्थ्य कार्ड बना कर देना मुमकिन नहीं हो पा रहा।

