बिहार: पटना के पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार को रिश्वत लेने पर किया गया गिरफ्तार।
भारत में भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने वाले संस्थान अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को अरविंद कुमार को किया गिरफतार। अरविंद कुमार की गिरफ्तारी रिश्वत लेने के कारण हुआ है, कुल 16 लाख रुपयों का।
इस बात का खुलासा करने के लिए अरविंद कुमार पर कई दिनों से निगरानी रखी गई थी। उनको रंगे हाथो रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इस तरह के वारदात को ट्रैप कैसे कहते है, ट्रैप कैसे के मामले में यह अब तक की सबसे बड़ी राशि बरामद की गई है। अरविंद कुमार की गिरफ्तारी के बाद उनके घरवालों ने जल्दबाजी में लाखो रुपए बाथरूम में जला कर राख कर दिए। मगर फिर भी पुलिस की छापेमारी में करीब 14 लाख रुपयों के जेवरात, 90 हजार नगद रुपए और कई सारे लाखो रुपयों के निवेश खुल कर सामने आया।
जानिए कैसे ठगते थे लोगो को..
कटिहार के रहने वाले कोढ़ा स्थित बिंजी के रहनेवाले निखिल कुमार ने अरविंद कुमार द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। अभियंता अरविंद कुमार ने सड़क मेंटेनेंस कार्य के लिए 83 करोड़ 52 लाख 6 हजार के बिल भुगतान करने के लिए अपने लिए उस राशि का 1% घुस मांगी। अरविंद कुमार ने कुल 84 लाख रुपए मांगे बिल भुगतान के लिए। मगर इसके बाद दाम उप्पर नीचे कर 80 लाख में बिल को रफा दफा करने की बात को में गए। यह 16 लाख की रिश्वत इस 80 लाख रुपयों की पहली किस्त थी जिसमे उन्हें रंगे हाथो पकड़ा गया।

