देश- विदेशों में प्रसिद्ध है गया का तिलकुट…
मकर संक्रान्ति के अवसर पर चूड़ा-दही के साथ ही तिल एवं तिल से बनी मिठाई को खाने की परम्परा रही है. यूं तो देशभर में तिल से कई तरह की मिठाईयां बनायी जाती हैं पर गया में बनाये जाने वाले तिलकुट और इसका खास्तापन देश के साथ ही विदेशों में भी प्रसिद्ध है.
गया के तिलकुट की खासियत है कि यह काफी खास्ता होता है. यहां के तिलकुट की बात कहें तो इसे देखते ही सामने वाले के मुंह में पानी आना लाजिमी है.
गया में तिलकुट के निर्माण की प्रकिया कई सौ साल पुरानी है. गया शहर में इस समय 200 से ज्यादा तिलकुट की दुकानें हैं और प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से 20 हजार से ज्यादा लोग इस व्यवसाय से जुड़ हुए हैं. अनुमान के मुताबिक इस शहर में रोजाना लगभग 2 करोड़ का तिलकुट बिकता है और इसका व्यवसाय गया के बाहर के इलाकों में भी है.
इस साल बाजार में शुगर फ्री तिलकुट भी उतारा गया है. शहर कई दुकानदार ऑनलाईन तिलकुट की बुकिंग कर पार्सल के जरिये पटना रांची, दिल्ली, कोलकाता एवं हैदराबाद समेत कई शहरो में भेज रहें हैं. इसकी बिक्री और बुकिंग जोमैटो जैसे ऑानलाईन डिमांड कंपनी के साथ करार कर भी की जा रही है.

