ऑनलाइन म्यूटेशन कि धड़ल्ले से हो रही फजीहत, अभी तक 50% मामलों का भी नहीं किया गया निदान
ऑनलाइन म्युटेशन पूरी तरह से अजिहत हो चुकी है। इस वक्त तो इतना बुरा हाल है कि करीब 50% मामले भी निपटाने में असमर्थ रही है ऑनलाइन म्यूटेशन। सरकार द्वारा दिए गए कपड़े संदेश और कई सारी कार्यवाही करने के बाद भी सिस्टम ढंग से काम करने में असमर्थ रही है।
5 दिसंबर को भूमि सुधार विभाग द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार चौंकाने वाली बाते सामने आये हैँ। विभिन्न जिलों से आए रिपोर्ट के अनुसार मामला निपटाने की संख्या इतनी कम है कि वह एक दर्जन से भी कम है। कुल मिलाकर साडे आवेदनों की महक 0.44 प्रतिशत मामलों का ही समय पर निष्कर्ष तक लाया गया है। विभिन्न जिलों से आई इस रिपोर्ट में आगे लिखा है कि, कुल मिला कर 23 लाख 33 हजार 866 लोगो में ऑनलाइन मूटेशन का आवेदन दिया था।
इतने बड़े संख्या मी लोगो के आवेदन आने के बावजूद भी केवल 10 हजार 324 मामलों का ही अभी तक निष्कर्ष तक ला पाई है यह ऑनलाइन सेवा। जबकि अब तक 9 लाख 19हजार 12 मामलों का निष्कर्ष समय सीमा पार कर किया गया है। इस तरह कि बड़ी विपत्ति का किस तरह सरकार करेगी निपटारा? यह सवाल का जवाब हम अाप पर छोड़ते हैं।

