बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने बढ़ाया राज्य का सम्मान, मिलेगा इस वजह से राष्ट्रीय पुरस्कार
क्या है बिहार कृषि विश्वविद्यालय
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से की गई थी, विशेषकर दो तिहाई से अधिक जनसंख्या वाले लोगों के लिए। बड़े पैमाने पर समाज को लाभान्वित करने का अंतिम लक्ष्य निर्धारित करने के बाद, विश्वविद्यालय शब्द-आधारित कृषि शिक्षा, अनुसंधान, विस्तार और सार्वजनिक सेवा प्रदान करके इसे प्राप्त करने का इरादा रखता है।
इस लिए मिलेगा राष्ट्रीय पुरूस्कार
केंद्र सरकार की तरफ से दिए जाने वाले इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए बिहार के कृषि विश्वविद्यालय को चुना क्या है इसका मूल वजह है, जन-केंद्रित ई-गवर्नेंस सेवाएं। सरकार इस विमर्श पर तब पहुंची जब देशभर के विभिन्न सरकारी संस्थाओं या विभागों के ई-गवर्नेंस के माध्यम से किये किये गए कार्यों की जांच कि गई।
पुरिष्कर यहां और ऐसे मिलेगा
बिहार कृषि विश्वविद्यालय को पुरूस्कार मिलेगा मुंबई सहर में होने वाले 2 दिवसीय कार्यकर्म में, जिसकी तारीख है 7-8 फरवरी 2020। विश्वविद्यालय की ओर से पुरूस्कार गहर करने के लिए मुंबई रवाना होंगे, कुलपति डा. अजय कुमार सिंह, प्रसार शिक्षा निदेशक डा. आर के सोहने, सहायक प्राध्यापक डॉ राघवन और मीडिया सेंटर प्रभारी ईश्वर चंद्र। इनके अलावा कार्यकर्म में शामिल होंगे केन्द्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह के साथ महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और देश के भर के एक हजार से अधिक टेक्नोक्रेट्स।

